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Friday, March 15, 2019

क्राइस्टचर्च हमला: मुस्लिमों के सब से बडे शत्रु कौन?

सौजन्य:  इन्टरनेट

आतंकवाद या कट्टरवाद का सामना करने के लिए क्या करना चाहिए? वास्तव में सभी पंथो के (सच्चे) लिबरलों को साथ में आना चाहिए लेकिन विश्व भर में तथाकथित लिबरलों व वामपंथियों ने हंमेशां मुस्लिम कट्टरवाद को अनेकरूप से मदद की। परिणाम ये हुआ कि वो पनपता गया प्रत्येक देश में। लेकिन पीछले तीन वर्ष से विश्व इस बात पर गंभीर हुआ है।

फ्रान्स ने जो मसूद अजहर की संपत्ति जप्त की वो ना कि इस लिए कि भारत उसके पास से राफेल खरीद रहा है। किन्तु इस कारण से कि पेरिस में २०१५ से पूर्व बडा आतंकी हमला हुआ। जर्मनी समेत कई देश जिन्होंने मानवता के नाम पर जिस मुस्लिम शरणार्थीओं को आश्रय दीया वह पारसी समुदाय की तरह दूध में शक्कर की तरह घूल जाने के स्थान पर आज वहां समस्या बने हुए है।

वास्तव में मुस्लिम समुदाय के कई कट्टर न तो अपना टोपी, दाढी, बुर्का वाला पहनावा छोडते है, न भाषा। अपने परिवार या अपने घर के अंदर यह सही है। किन्तु यह चीजें आतंकी प्रवृत्ति के कारण निर्दोष आम मुस्लिम की भी पहचान बन जाती है। अर्थात् अमरिका से लेकर न्यूझीलेन्ड तक दाढी, टोपी, पायजामा, बुर्का पहनी हुई व्यक्ति को शक की नजर से देखा जाता है। परिस्थिति ये आ गई कि शाहरूख खान को भी उसके कुलनाम खान के कारण सख्त जांच का सामना अमेरिकी हवाई अड्डे पर करना पडा।

मुस्लिम आतंकवादी वास्तव में उनके भाईबहन के ही दूश्मन बनते जा रहे है। आप भारत या विदेश में इसाई, हिन्दू, पारसी, यहूदी, बौद्ध कोई भी पंथ की व्यक्ति ले लीजिए। क्या पहनावे या भाषा से आप किसी की पहचान कर सकते है कि यह हिन्दू है, या इसाई है या बौद्ध है? एसा क्या कारण है कि चीन समेत हर एक देश में कट्टर मुस्लिम अलगाववाद पैदा कर अपना अलग देश बनाना चाहता है? जिस प्रकार  हिन्दू, इसाई में सुधारवादी आंदोलन होकर उदारवादी की बहुमती बनी एसा इस्लाम में होना इस समय की तात्कालिक मांग है।

१४ फरवरी को पुलवामा हमला हुआ तब जिस प्रकार कट्टर मुस्लिमों ने व तथाकथित लिबरलोंने खुशी प्रगट की एसा क्राइस्ट चर्च के हमले को लेकर हो सकता है? नहीं। वास्तव में भारत हो या कोई अन्य देश, तथाकथित लिबरल बुद्धिजीवी और लिबरल राजनीतिक दल ही मुस्लिमो के सब से बडे शत्रु है यह बात मुस्लिम समुदाय जितना जल्दी समजे उतना अच्छा है। जैसे कि भारत में चुनाव घोषित होने के पश्चात् विपक्षी दलो ने मुस्लिमों को खुश करके मत पाने के लिए चुनाव रमजान में कराने का विरोध किया। यह तो अच्छा है कि असउद्दीन ओवैसीने ही एसी चेष्टा का विरोध किया। विपक्षी दलों की चेष्टा से हिन्दूओ के ध्यान में यह बात आई कि मतदान के समय चैत्री नवरात्रि भी है। लेकिन वह तो विरोध नहीं करते। लेकिन मान लीजिए कि विपक्षी दलों की मांग मान ली होती तो हिन्दुओं में अन्याय की भावना बढती और कट्टरता को बढावा मिला होता।

आज भी एवरेज हिन्दू, इसाई, पारसी, यहूदी, बौद्ध कट्टर नहीं है। ना कि उनके कोई एसे संगठन जो पूरे विश्व में आतंकी हमला कराये। पूरे विश्व के अपने बांधवो को जिहाद के लिए उकसाये। कश्मीर या शीनजियांग जैसे अलग प्रदेश के लिए यदि स्थानिक मुस्लिम लड रहे हैं तो उसको नैतिक या अन्य रूप से समर्थन देने की बात करें।

इसी लिए न्यूझीलेन्ड की घटना एक चेतावनी है, पूरे विश्व के लिए। आतंकवादी मसूद अजहर को बचा रहे चीन और पाकिस्तान भी समजे। वर्ना अटलजी कि यह पंक्ति सही हो जायेगी।

इसे मिटाने की साजिश करनेवालों से
कह दो चिनगारी का खेल बूरा होता है
औरों के घर आग लगाने का जो सपना 
वह अपने ही घर में सदा खरा होता है

Saturday, March 19, 2016

फेक न्यूझ: लगातार हार के बाद अब पाकिस्तान मुजाहिद्दीनो की टीम उतारेगा

क्रिकेट में लगातार हार के बाद पाकिस्तान की सेना और आईएसआईने निर्णय किया है कि
- अब वो मुजाहिद्दिनो की एक टीम क्रिकेट खेलने के लिए भेजेंगे।
-वो बेटिंग करेंगे तब थर्ड अम्पायर (अमरिका) उसको आउट डिक्लेर नहीं करेंगे।
-भारतीय टीम को उन को अंडरआर्म गेंदबाजी ही करनी पडेगी।
-भारतीय टीम के कुछ लोग (सेक्युलर) उनके सरल केच भी छोड देंगे।
- सेक्युलर भारतीय गेंदबाजी करेंगे तो आसान गेंद ही फेकेंगे।
- वो रन नहीं दोडेंगे। बल्ले से लगा हुआ हर रन छक्का ही माना जायेगा।
-उन के लिए पूरे 50 ऑवर तक पावर प्ले रहेगा।
- वो गेंदबाजी करेंगे तो बल्लेबाज का ध्यान होना जरूरी नहीं। वो अचानक कभी भी, किसी भी छोर से गेंद फेकेंगे।
- भारतीय बल्लेबाजो के लिए कोई पावर प्ले नहीं रहेगा।
-उनका कोई बोल नो बोल नहीं होगा। वो थ्रो बोलिंग भी कर सकेंगे और बोडीलाइन बोलिंग भी करेंगे।
- फिल्डिंग के लिए उनकी सहायता हेतु भारतीय टीम के ही कुछ लोग (कन्हैयाकुमार,केजरीवाल,लालु,जैसे सेक्युलर) लोग उतरेंगे यह कहकर कि क्रिकेटरो की कोई टीम नहीं होती जैसे आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता।
-उनकी एक अपील पर थर्ड अम्पायर वैसे ही आउट दे देंगे जैसे पाकिस्तान के शकुर राणा या शारजाह के अम्पायर दे दिया करते थे।
- भारतीय बल्लेबाजो के आउट की अपील सब से ज्यादा वो करेंगे जो भारतीय फिल्डर मुजाहिद्दीन के लिऐ उतरेंगे।
और सब से बडी बात।  राजछीप सरदेसाई, बुरखा दत्त, अंजना 786 कश्यप, पाप प्रसून बाजपेयी, रब्बीशकुमार, राहुल कंगाल, मुजाहिद्दिनो की टीम के लिए चीयर लीडर की भूमिका करेंगे।

Monday, January 4, 2016

सोचो कभी एसा हो तो क्या हो।

आप सुबह उठते है और आप के वॉट्सएप पे किसी का संदेशा आता है: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदीने आज सुबह पांच बजे पाकिस्तान के विरुद्ध युद्ध की घोषणा कर दी। आप टीवी ओन करते है। टीवी पे बरखा दत्त हवाई अड्डे से बता रही है: अभी अभी हमारा गुरखा रेजिमेन्ट यहां से हवाई जहाज में रवाना हो रहा है। एन्कर पूछता है: बताईये वहां कितने सैनिक है। बरखा बताती है: करीबन १००. थोडी देर में टीवी पे ब्रेकिंग न्यूझ आती है: गुरखा रेजिमेन्ट के १०० जवानो को लेकर जा रहे हवाई जहाज को पाकिस्तानी मिसाइल ने मार गिराया।

दोपहर को समाचार आता है: युद्ध की स्थिति से निपटने के लिए नरेन्द्र मोदीने आपातकाल (Emergency) का आर्डिनन्स लाया। तभी टीवी पे सोनिया गांधी, शरद पवार, लालुप्रसाद यादव के बाइट्स आने चालु हो जाते है: मोदी इस बहाने आपातकाल लागु करना चाहते है। हम ये हरगीझ होने नहीं देंगे। वे प्रतिनिधिमंडल को लेकर राष्ट्रपतिभवन की तरफ कूच करते है। केजरीवाल ट्वीट करते है: मोदी सायकोपेथ है। वो दिल्ली में प्रदूषण नहीं घटना देना चाहते। ओड-इवन की योजना को विफल करने की ये साजिश है। उधर टीवी पे बहस हो रही है जिस में पूण्यप्रसून बाजपाई बताते है कि हमारी सेना के पास शस्त्र-अस्त्र की कितनी कमी है। मोदीने बिना तैयारी ही युद्ध की घोषणा कर दी। दरअसल मोदी चाहते थे कि पूरा भारत देश उनके कबजे में आ जाये इस दौर में उन्होने स्थिति का फायदा उठाते हुए आपातकाल की घोषणा कर दी।

उधर लोग वोट्सएप पे मेसेज कर रहे है: ये मेरा आखरी मेसेज है, पता नहीं अब नेट कब चालु हो। F*** government. ये युद्ध क्यों होता है?

इस तरफ एक नौजवान फेसबुक पे अपनी सेल्फी शेर कर रहा है शहीद हुए जवान के साथ और लिखता है: Proud to be Indian. उसके नीचे उसका लोकेशन मालूम पडते ही पाकिस्तान दूसरी मिसाईल उस तरफ दाग देता है और बाकी चार पांच जवान शहीद हो जाते है।

सेना में से कुछ लोग जासूसी करते पकडे जाते है तो उसको जेल में डाल दिया जाता है। इस पर साहित्यकार-फिल्मकार-इतिहासकार-वैज्ञानिक अब एवोर्ड वापसी की जगह देश छोडने की धमकी दे रहे है।

कुछ मुस्लिम संगठनोने रेली निकाली और माग की कि जिन जासूसो को जेल में डाला है वो निर्दोष है। उन को रिहा किया जाये। वो सडक पर हिंसा का नग्न नाच करते है।

तो इस तरफ कुछ ईसाई संगठन रेली निकालते है कि मोदीने आपातकाल की घोषणा इस लिए की ताकि माइनोरिटी की आवाज को दबाया जा सके।

महिला स्वतंत्रता के पक्षधारी बडी बिन्दीवाली छोटे कपडेवाली महिलायें टीवी पर बोल रही है: ये महिलाओ को घर में कैद कर के रखने की मोदी की साजिश है।

उधर एसपीएस के एक पटेल नेता कह रहे है कि हम दूध की सप्लाय रोक देंगे अगर हम को आरक्षण न मिला। आपातकाल की घोषणा हम को आरक्षण न मिले इस की साजिश है।

तो कुछ लोग कह रहे है कि सेना में हमारे क्षत्रिय बंधु ही क्यों शहीद होते है? ये एसपीएस वाले कभी क्यों सेना में नहीं जाते? तो दलित नेता कहता है: ये एसपीएसवाले हम को दूध से वंचित रखने की साजिश कर रहे है।

इतने में अरुण जेटली पेट्रोल-डीझल पे सेस बढाने की बात करते है तो लोग एसएमएस करने लगते है: अब भुगतो युद्ध-युद्ध। ईतनी महंगाई हम कैसे जेलेंगे। हमने ये मोदी सरकार को क्यों वोट दिया। पाकिस्तान के साथ शांति रखनी चाहिए। युद्ध की क्या झरुरत थी।

उतने में समाचार आता है कि आईपीएल टुर्नामेन्ट की सभी मेच केन्सल कर दी गई है। नौजवान के एसएमएस आते है: F*** government. खेल पे पाबंदी क्यों?

रुकरुक खान की काले दिलवाले फिल्म रिलीझ होने वाली है। लेकिन युद्ध की स्थिति के कारण उसे केन्सल कर दिया जाता है। रुकरुक खान बयान देता है: एक्च्युअली, ये फ्रीडम ओफ एक्स्प्रेशन का  उल्लंघन है। युद्ध की स्थिति में भी मनोरंजन लेने का सभी को हक है। इस में नई पाकिस्तानी एक्ट्रेस माहिरा खान ने काम किया है और पाकिस्तानी गायक आतीफ असलम ने गाना गाया है। कितने लोगों की रोजीरोटी उससे जूडी है।

तो साक्षी महाराज और साध्वी प्राची का बयान आता है: रुक रुक खान को पाकिस्तान भेज दो। हम ये फिल्म रिलीझ नहीं होने देंगे। भाजप के नेता का निवेदन आता है: रुक रुक खान पाकिस्तानी एजन्ट है।

भाजप अध्यक्ष अमित शाह अपने नेता को ऐसी परिस्थिति में मौन रहेन का आदेश देते है।

उधर असत्यमेव जयतेवाला गरीब खान कहता है: मेरी पत्नी किरण को पाकिस्तानी त्रासवादीओ से ज्यादा मोदी से डर लगता है। हम देश छोड के जाना चाहते है।

मुंबई में गुलाम अली का कार्यक्रम शिवसेना केन्सल करवाती है तो सेक्युलर गेंग ट्वीट करने लगते है: इस में गुलाम अली का क्या दोष। सरकार उन की सुरक्षा सुनिश्चित करें।

तो इस तरफ असाउद्दीन ओवैसी कहता है: ये मुस्लिमो को कुचलने की मोदी की साजिश है। हम एसा नहीं होने देंगे।

उतने में दिग्विजय ट्वीट करता है: पता चला है युद्ध का आदेश मोदीजीने नहीं भागवतजीने सीधे सेना कमान्डर को दिया। असली सत्ता भागवतजी के पास है।

ममता बेनरजी ट्वीट करती है: बंगाल के चुनाव जितने के लिए मोदीजीने युद्ध घोषित किया है। ये नहीं चोलबे।

हनी सिंह यूट्यूब पे विडियो रखता है जिस में उसने पाकिस्तान पे एक रेप सोंग बनाया है: पाक मेरे ईस पे। तो इधर पूनम पांडे  अपने हाफ नेकेड फोटो के साथ ट्वीट करती है: ये टीझर है। अगर हमारी सेना जीत गई तो मैं पूरे कपडे उतार दूंगी।

गुलझार और जावेद अख्तर पहेली बार मिल के एक गझल आलबम निकालते है: उधर भी इन्सान, इधर भी इन्सान तो क्यों बने हम हैवान।

तो उस तरफ एकता कपूर घोषणा करती है: मैं सन्नी लियोन और आर्मी को लेकर डबल मीनिंग फिल्म बनाउंगी: क्या होट है हम!

ये समाचार देख रहा सामान्य मानव जब भारत मां की तसवीर की और देखता है तो उसकी आंखों में आंसू दिखते है।